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महिला एवं बाल विकास 05

पूरक पोषण आहार कार्यक्रम समेकित बाल विकास परियोजनाओं में पूरक पोषण आहार की व्यवस्थाः-   प्रदेश में एकीकृत बाल विकास सेवाएँ (आई.सी.डी.एस) अंतर्गत आँगनवाडी केन्द्रों द्वारा दी जाने वाली छः सेवाओं में से पूरक पोषण आहार एक महत्वपूर्ण सेवा हैं । आँगनवाडी केन्द्रों के माध्यम से 6 माह से 3 वर्ष आयु के बच्चों , 3 वर्ष से 6 वर्ष आयु के बच्चों तथा गर्भवती व शिशुवती महिलाओं को पूरक पोषण आहार का प्रदाय किया जाता हैं । हितग्राहियों को वर्तमान में प्रदाय किये जा रहे पूरक पोषण आहार का विवरण निम्नानुसार हैं - नाश्ता एवं गर्म पका हुआ भोजन:-  आँगनवाडी केन्द्रों में आने वाले 3 से 6 वर्ष के आयु के सामान्य एवं गंभीर कुपोषित बच्चों को गर्म पके हुए भोजन (105 ग्राम) के साथ-साथ नाश्ता भी दिया जाता हैं । नाश्ते में रेडी टू ईट फूड (75 ग्राम) , उबला भीगा चना , देशीगुड़ (50 ग्राम) , भुना मुंगफली दाना , गुड़ (38 ग्राम) प्रतिदिन अलग-अलग नाश्ता चक्रानुक्रम में प्रदाय किया जाता हैं । 3 से 6 वर्ष आयु के गंभीर कुपोषित बच्चों को उपरोक्तानुसार नाश्ता एवं गर्म पके हुए भोजन के साथ अतिरिक्त रूप से रेडी-टू-ईट फूड (...

महिला एवं बाल विकास 04

  पोषण अभियान भारत सरकार द्वारा कुपोषण के स्तर में कमी लाने के लिए एक वृहत अभियान के रूप में पोषण अभियान का शुभारंभ किया गया है।यह शुभारंभ 08 मार्च 2018 को माननीय प्रधानमंत्री द्वारा झुंझूनू , राजस्थान में किया गया है।पोषण अभियान देश के सभी राज्यों में वित्तीय वर्ष 2017-18 से आगामी तीन वर्षों में चरण बद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है।प्रथम चरण में राज्य के 12 जिलों को लिया गया था तथा द्वितीय चरण वर्ष 2018-19 से शेष 15 जिलों को लिया गया है।इस प्रकार राज्य के सभी 27 जिलों में पोषण अभियान क्रियान्वित है।पोषण अभियान के लक्ष्य एवं घटकांे का विवरण निम्नानुसार है:-   अभियान के लक्ष्य:- पोषण अभियान का लक्ष्य राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित किया गया है , जिसके अनुसार 0 से 6 वर्ष आयु समूह के बच्चों , गर्भवती महिलाओं एवं धात्री माताओं में विद्यमान कुपोषण स्तर को चरण बद्ध तरीके से प्रति वर्ष 02 प्रतिशत की कमी लाते हुए 03 वर्षों में 06 प्रतिशत की कमी लाना लक्षित किया गया है। मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान छत्तीसगढ़ राज्य में 06 वर्ष से कम आयु के बच्चों में व्याप्त कुपोषण एवं एनीमिया तथा 15...

महिला एवं बाल विकास 03

  संस्कार अभियान संस्कार अभियान का मुख्य उद्देश्य गर्भ धारण से 06 वर्ष की आयु तक बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु आवश्यक आधार भूत संरचना , वातावरण एवं गुणवत्ता पूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराते हुए आंगनबाड़ी केन्द्रों का उन्नयन करना है।संस्कार अभियान के अंतर्गत आंगनवाड़ी केन्द्रों का आकर्षक रंग रोगन , बच्चों के बैठने की जगह , विभिन्न गतिविधियों के लिए स्थान का चिन्हांकन , बच्चों की सुविधा के अनुरूप विभिन्न शैक्षणिक सामग्री का प्रदर्शन , आकर्षक वातावरण का निर्माण , प्रत्येक वस्तु हेतु निर्धारित स्थान एवं सुव्यवस्थित कक्ष जैसी बातों पर ध्यान दिया गया है। संस्कार अभियान के तहत आंगन बाड़ी केन्द्रों को संसाधन सामग्री उपलब्ध कराई गई है , जिसमें प्रारंभिक बाल्या वस्था देख रेख एवं शिक्षापाठ्य चर्या]आंगनबाड़ी केंद्र में शालापूर्व शिक्षा प्रदाय के लिए 52 सप्ताह के समय – सारिणी , लगभग 360 गतिविधि युक्त गतिविधि कोष]थीम पुस्तिका ]3-6 वर्ष के बच्चों के लिए आयु अनुसार पृथक-पृथक गति विधि पुस्तिकाए वं बाल आकलन पत्रक शामिल है। 1.      अभियान अंतर्गत गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक बाल्यावस्था दे...

महिला एवं बाल विकास 02

  स्वावलंबन योजना पात्रता:- ऐसी महिलाओं जिनके पति की मृत्यु हो चुकी है अथवा 35 से 45 आयु वर्ग की अविवाहित महिलाओं अथवा कानूनी तौर पर तलाकशुदा महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाता है। यौन उत्पीड़न , एचआईवी पाजिटिव एवं तृतीय लिंग ( Trans Gender) हितग्राही भी योजना का लाभ लेने की पात्रता रखेगी। प्रशिक्षणः - समस्त प्रशिक्षण मुख्यमंत्री कौशल विकास योजनांतर्गत व्ही.टी.पी. के माध्यम से दिये जाते है। सम्पर्कः-जिला कार्यक्रम अधिकारी/जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी/ परियोजना अधिकारी/पर्यवेक्षक/आंगनबाड़ी कार्यकर्ता।   सक्षम योजना योजना छत्तीसगढ़ महिला कोष द्वारा 2009-10 से आरम्भ की गई है। पात्रताः- प्रदेश में गरीबी रेखा अन्तर्गत जीवन-यापन करने वाली ऐसी महिलाओं जिनके पति की मृत्यु हो चुकी है अथवा 35 से 45 आयु वर्ग की अविवाहित महिलाएं अथवा कानूनी तौर पर तलाकशुदा महिलायें। यौन उत्पीड़न , एचआईवी पाजिटिव एवं तृतीय लिंग ( Trans Gender) हितग्राही भी योजना का लाभ लेने की पात्रता रखेगी। ऋण:- स्वयं का व्यवसाय आरम्भ करने हेतु ऋण सीमा में वृद्धि करते हुए 40 हजार रूपये के गुणांक में...

महिला एवं बाल विकास विभागीय योजनाये

  1.      नवाबिहान योजना 2.      स्वावलंबन योजना 3.      सक्षम योजना 4.      ऋण योजना 5.      संस्कार अभियान 6.      मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना 7.      पोषण अभियान 8.      मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान 9.      महतारीजतन योजना 10. एकीकृत बाल संरक्षण योजना 11. छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना 12. पूरक पोषण आहार कार्यक्रम 13. महिला जागृति शिविर 14. महिला स्व-सहायता समूह गठन एवं सशक्तिकरण 15. किशोरी बालिकाओं के लिए योजना 16. समेकित बाल विकास सेवा योजना 17. स्वैच्छिक संगठनों के लिए अनुदान

महिला एवं बाल विकास 01

नवाबिहान योजना घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम 2005 के क्रियान्वयन के लिए राज्य शासन द्वारा नवाबिहान योजना संचालित है। अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार प्रत्येक जिले में महिला संरक्षण अधिकारी की पदस्थापना की गई है। सुविधा व सहायताः -योजना के अंतर्गत पीड़ित महिला को आवश्यकतानुसार विधिक सलाह , परामर्श , चिकित्सा , सुविधा , परिवहन तथा आश्रय सुविधा उपलब्ध कराने हेतु प्रावधान रखा गया है। सम्पर्कः-जिला कार्यक्रम अधिकारी/जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी/ परियोजना अधिकारी/संरक्षण अधिकारी/सखी के केन्द्र प्रशासक। बिलासपुर : सुश्री सीमा गोस्वामी 70897-30583

छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल , रायपुर

    व्यापम का गठन :-                                 छत्तीसगढ़ शासन , उच्च शिक्षा , तकनीकी   शिक्षा , जनशक्ति नियोजन , विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग , मंत्रालय , रायपुर की अधिसूचना क्रमांक एफ 1-51/2004/42, रायपुर , दिनांक 30 जुलाई 2005 के द्वारा चिकित्सा , आयुर्वेद , इंजीनियरिंग , कृषि महाविद्यालयों तथा पालिटेकनिक्स में प्रवेश पूर्व परीक्षाओं तथा अन्य परीक्षा जिसे इस मण्डल के क्षेत्राधिकार के लिए अधिकृत किया जावे , के आयोजन एवं तत्संबंधी समस्त आवश्यक कार्यवाही एवं व्यवस्था करने के लिए छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मण्डल का गठन किया गया है व्यावसायिक परीक्षा मण्डल का गठन राज्य शासन के आदेश क्रमांक एफ 1-51/2004/42 दिनांक 30.07.2005 द्वारा किया गया था। एक अन्य सम संख्यक आदेश दिनांक 30 जुलाई 2005 की कण्डिका 3 में प्रावधान है कि:- ’’ छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मण्डल के गठन के आदेश के राजपत्र में प्रकाशन होने पर वर्तमान में माध्यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा आयोजित होने वाली पी.ई.टी. एवं पी.ए...

छत्तीसगढ़ के प्रशासनिक विभाग / मंत्रालय

1मुख्य सचिव कार्यालय 2सामान्य प्रशासन विभाग 3 गृह एवं जेल विभाग 4 वित्त विभाग 5 वाणिज्य कर विभाग 6 वाणिज्य कर पंजीयन) विभाग 7 वाणिज्य कर (आबकारी) विभाग 8 धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग 9 राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग 10 परिवहन 11खेल एवं युवा कल्याण विभाग 12वन विभाग 13वाणिज्य एवं उद्योग विभाग 14 खनिज साधन विभाग 15ऊर्जा विभाग 16कृषि एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रोधोगिकी विभाग 17 सहकारिता विभाग 18श्रम विभाग 19लोक स्वास्थ्य , परिवार कल्याण एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग 20 नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग 21लोक निर्माण विभाग 22 स्कूल शिक्षा विभाग 23 विधि और विधायी कार्य विभाग 24पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग 25योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी विभागयोजना आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग 26 जनसंपर्क विभाग 27आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग 28 समाज कल्याण विभाग 29 पुनर्वास विभाग 30 खाद्य , नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग 31 संस्कृति विभाग 32 जल संसाधन विभाग 33 आवास एवं पर्यावरण विभाग 34 पर्यटन विभाग 35 लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी ...