Skip to main content

Followers

महिला एवं बाल विकास 08

 सखी (वन स्टॉप सेन्टर)

उद्देश्यः-पीड़ित व संकटग्रस्त, जरूरतमंद महिला को एक ही छत के नीचे उनकी आवश्यकतानुसार चिकित्सा, विधिक सहायता, मनोवैज्ञानिक सलाह, पुलिस सहायता, अस्थायी आश्रय, मानसिक चिकित्सा, परामर्श सुविधा/सहायता तत्काल उपलब्ध कराना ।

वन स्टाप सेन्टर किनके लिये:- संकटग्रस्त/पीड़ि़त में वे सभी महिलाएं (18 वर्ष से कम उम्र की बालिकाएं भी सम्मिलित है) जिन्हे सहायता की आवश्यकता है।

 प्रदेश के 27 जिले में ‘‘सखी’’ वन स्टाप सेंटर संचालित है।

सुविधा व सहायता:-

1.     आपातकालीन सहायता एवं बचाव।

2.     चिकित्सकीय सहायता।

3.     महिला को एफआईआर/डीआईआर/एनसीआर दर्ज करने में सहायता उपलब्ध कराना।

4.     मनोवैज्ञानिक/सामाजिक/परामर्श/सलाह व सहायता।

5.     विधिक सलाह/सहायता/विधिक परामर्श।

6.     आपातकालीन आश्रय सुविधा 

सम्पर्कः- जिले के जिला कार्यक्रम अधिकारी/जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी/ परियोजना अधिकारी/पर्यवेक्षक/केन्द्र प्रशासन/आंगनबाड़ी कार्यकर्ता।


हिंसा से प्रभावित महिलाओं को सहायता प्रदान करने के लिए 01 अप्रैल2015 से वन स्टॉप सेंटर/ ओएससी/साक्षी केंद्र स्थापित करने की स्कीम क्रियान्वित कर रहा है। स्कीम का उद्देश्य हिंसा से प्रभावित महिलाओं को समेकित सेवाएं सुलभ कराना हैजिनमें निम्न सेवाएं शामिल हैं।

1.    चिकित्सा सहायता,

2.    पुलिस सहायता,

3.    कानूनी सहायता / मामला प्रबंधन,

4.     मनो-सामाजिकं परामर्श,

5.    अस्थायी सहायता

घरेलु हिंसा अधिनियम में वर्णित व्यथित व्यक्ति” से अभिप्राय कोई ऐसी महिला है जो प्रत्यर्थी की घरेलू नातेदारी में है या रही है और जिसका अभिकथन है कि वह प्रत्यर्थी द्वारा किसी घरेलू हिंसा का शिकार रही है  "प्रत्यर्थी” से कोई वयस्क पुरुष अभिप्रेत है जो व्यथित व्यक्ति (महिला) की घरेलू नातेदारी में है या रहा है और जिसके विरुद्ध व्यथित व्यक्ति (महिला) नेइस अधिनियम के अधीन कोई अनुतोष चाहा है:

सवाल : क्या व्यथित महिला के अलावा भी अन्य घर का सदस्य शिकायत दर्ज करा सकता है?

जवाब : हाँ !  कोई व्यथित पत्नी या विवाह की प्रकृति की किसी नातेदारी में रहने वाली कोई महिला भी पति या पुरुष भागीदार के किसी नातेदार के विरुद्ध शिकायत फाइल कर सकेगी; अर्थात नातेदारी भी घरेलु हिंसा की शिकायत कर सकता है l 

सवाल : घरेलू नातेदारी कौन होंगे ?

जवाब : "घरेलू नातेदारी” से ऐसे दो व्यक्तियों के बीच नातेदारी अभिप्रेत हैजो साझी गृहस्थी में एक साथ रहते हैं या किसी समय एक साथ रह चुके हैंजब वेसमरक्तताविवाह द्वारा या विवाहदत्तक ग्रहण की प्रकृति की किसी नातेदारी द्वारा संबंधित हैं या एक अविभक्त कुटुंब के रूप में एक साथ रहने वाले कुटुम्ब के सदस्य हैं l

सवाल : घरेलू घटना रिपोर्ट क्या होती है क्या इसकी प्रकृति/प्रभाव पुलिस थाने में प्रथम सुचना रिपोर्ट से अलग होता है ?

जवाब : घरेलू घटना रिपोर्ट" से ऐसी रिपोर्ट अभिप्रेत है जो, किसी व्यथित व्यक्ति से घरेलू हिंसा की किसी शिकायत की प्राप्ति परविहित प्ररूप में तैयार की गई हो l

सवाल : चिकित्सीय सुविधा से क्या अभिप्राय

जवाब : चिकित्सीय सुविधा” से ऐसी सुविधा अभिप्रेत है जो इस अधिनियम के प्रयोजनों के लिएराज्य सरकार द्वारा चिकित्सीय सुविधा अधिसूचित की जाए; अर्थात यह कह सकते है की यह सरकार या अधिकारिक सेवाप्रदाता का प्रारंभिक कर्तव्य होगा की वह व्यथित महिला को यथासंभव चिकित्सा मुहैया कराएगा l

सवाल : घरेलू हिंसा के सामान्य परिभाषा व लक्षण  -

जवाब :(क) व्यथित व्यक्ति के स्वास्थ्यसुरक्षाजीवनअंग की या चाहे उसकी मानसिक या शारीरिक भलाई की अपहानि करता हैया उसे कोई क्षति पहुंचाता है या उसे संकटापन्न करता है या उसकी ऐसा करने की प्रकृति है और जिसके अंतर्गत शारीरिक दुरुपयोगलैंगिक दुरुपयोगमौखिक और भावनात्मक दुरुपयोग और आर्थिक दुरुपयोग कारित करना भी हैया

(ख) किसी दहेज या अन्य संपत्ति या मूल्यवान प्रतिभूति के लिए किसी विधिविरुद्ध मांग की पूर्ति के लिए उसे या उससे संबंधित किसी अन्य व्यक्ति को प्रपीड़ित करने की दृष्टि से व्यथित व्यक्ति का उत्पीड़न करता है या उसकी अपहानि करता है या उसे क्षति पहुंचाता है या संकटापन्न करता हैया

(ग) खंड (क) या खंढ (ख) में वर्णित किसी आचरण द्वारा व्यथित व्यक्ति या उससे संबंधित किसी व्यक्ति पर धमकी का प्रभाव रखता हैया

(घ) व्यथित व्यक्ति कोअन्यथा क्षति पहुंचाता है या उत्पीड़न कारित करता हैचाहे वह शारीरिक हो या मानसिक ।

सवाल :शारीरिक दुरुपयोग में कौन से कार्य या आचरण अभिप्रेत है ?

जवाब : "शारीरिक दुरुपयोग" से ऐसा कोई कार्य या आचरण अभिप्रेत है जो ऐसी प्रकृति का हैजो व्यथित व्यक्ति को शारीरिक पीड़ाअपहानि या उसके जीवनअंग या स्वास्थ्य को खतरा कारित करता है या उससे उसके स्वास्थ्य या विकास का ह्रास होता है और इसके अंतर्गत हमलाआपराधिक अभित्रास और आपराधिक बल भी शामिल है;

 सवाल : लैंगिक दुरुपयोग में कौन से कार्य या आचरण अभिप्रेत है ?

जवाब : "लैंगिक दुरुपयोग" से लैंगिक प्रकृति का कोई आचरण अभिप्रेत हैजो महिला की गरिमा का दुरुपयोगतिरस्कार करता है या उसका अन्यथा अतिक्रमण करता हैअपमान,

सवाल : मौखिक और भावनात्मक दुरुपयोग" में कौन से कार्य या आचरण अभिप्रेत है ?

जवाब : "मौखिक और भावनात्मक दुरुपयोग" के अन्तर्गत निम्नलिखित हैं,-

(क) अपमानउपहासतिरस्कारगाली और विशेष रूप से संतान या नर बालक के न होने के संबंध में अपमान या उपहासऔर

(ख) किसी ऐसे व्यक्ति को शारीरिक पीड़ा कारित करने की लगातार धमकियां देनाजिसमें व्यथित व्यक्ति हितबद्ध है;

सवाल : आर्थिक दुरुपयोग में कौन से कार्य या आचरण अभिप्रेत है ?

जवाब :आर्थिक दुरुपयोग" के अंतर्गत निम्नलिखित हैं:-

(क) ऐसे सभी या किन्हीं आर्थिक या वित्तीय संसाधनोंजिनके लिए व्यथित व्यक्ति किसी विधि या रूढ़ि के अधीन हकदार हैचाहे वे किसी न्यायालय के किसी आदेश के अधीन या अन्यथा संदेय हों या जिनकी व्यथित व्यक्तिकिसी आवश्यकता के लिएजिसके अंतर्गत व्यथित व्यक्ति और उसके बालकोंयदि कोई होंके लिए घरेलू आवश्यकताएं भी हैंअपेक्षा करता हैकिन्तु जो उन तक सीमित नहीं हैंस्त्रीधनव्यथित व्यक्ति के संयुक्त रूप से या पृथक्तः स्वामित्वाधीन संपत्तिसाझी गृहस्थी और उसके रखरखाव से संबंधित भाटक का संदायसे वंचित करना;

ख) गृहस्थी की चीजबस्त का व्ययनआस्तियों का चाहे वे जंगम हों या स्थावरमूल्यवान वस्तुओंशेयरोंप्रतिभूतियोंबंधपत्रों और उसके सदृश या अन्य संपत्ति काजिसमें व्यथित व्यक्ति कोई हित रखता है या घरेलू नातेदारी के आधार पर उसके प्रयोग के लिए हकदार है या जिसकी व्यथित व्यक्ति या उसकी संतानों द्वारा युक्तियुक्त रूप से अपेक्षा की जा सकती है या उसके स्त्रीधन या व्यथित व्यक्ति द्वारा संयुक्ततः या पृथक्त: धारित किसी अन्य संपत्ति का कोई अन्य संक्रामणऔर

(ग) ऐसे संसाधनों या सुविधाओं तकजिनका घरेलू नातेदारी के आधार पर कोई व्यथित व्यक्तिउपयोग या उपभोग करने के लिए हकदार हैजिसके अंतर्गत साझी गृहस्थी तक पंहुच भी हैलगातार पहुंच के लिए प्रतिषेध या निर्बन्धन ।

सवाल :यह कैसे निर्धारित होगा की वाकई व्यथित महिला के विरुद्ध घरेलु हिंसा का गठन किया गया है l

जवाब : यह अवधारित करने के प्रयोजन के लिए कि क्या प्रत्यर्थी का कोई कार्यलोप या किसी कार्य का करना या आचरण इस धारा के अधीन घरेलू हिंसा” का गठन करता हैमामले के संपूर्ण तथ्यों और परिस्थितियों पर विचार किया जाएगा।

सवाल : संज्ञान और सबूत के संबंध में जरुरी धारा जिन्हें व्यथित महिला याद रखें ?

जवाब :

(1) दंड प्रक्रिया संहिता1973 (1974 का 2) में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी धारा 31 की उपधारा (1) के अधीन अपराध संज्ञेय और अजमानतीय होगा ।

(2) व्यथित व्यक्ति के एकमात्र परिसाक्ष्य पर न्यायालय यह निष्कर्ष निकाल सकेगा कि धारा 31 की उपधारा (1) के अधीन अभियुक्त द्वारा कोई अपराध किया गया है ।

Comments

Popular posts from this blog

1. B.Shah vs. Presiding Officer, Labour Court, AIR 1978 SC 12

 Ref : AIR 1978 SC 12 Sub :- This case is based on Section 5 of the Maternity Benefit Act, 1961 Facts of the case:- 1. A woman by the name of Sulbamal worked in an industry named Mount Stuart Estate which was related to planta- tion. 2. Sulbamal gave an application for maternity leave. The estimated period for delivery was 16-12-1967 and she deliv- ered the child on this very date. 3. Maternity benefit was given by way of salary for 72 work- ing days by the employer to the woman workman, but in this period Sunday being the holiday, was excluded by the employer. 4. Thus, being dissatisfied with the amount so provided, she filed an application before the employer in this regard. 5. It was demanded by the woman workman that she should be given full benefit of 12 weeks under the provisions of the Maternity Benefit Act, 1961 which is of full 84 days, not of 72 days because Sunday is also included in it. 6. But, she was denied of the payment of full 84 days by the employer. Trial Court...

तो चलो शुरू करते है फिर से...

  स्वतंत्र लेखन मेरे लिए केवल शब्दों का संकलन नहीं, बल्कि भावनाओं और विचारों की अभिव्यक्ति का एक सशक्त माध्यम है। यह लेखन तभी सार्थक होगा जब पाठकों का आशीर्वाद, मार्गदर्शन और सहयोग इसके साथ जुड़ा रहेगा। लेखन की यात्रा में कभी विचारों का विस्तार होगा, तो कभी प्रश्न और शंकाएँ भी सामने आएँगी। ऐसे में पाठकों का स्नेह मेरे लिए प्रेरणा और दिशा दोनों का कार्य करेगा। मैं हृदय से विनम्र अपील करता हूँ कि आप सभी अपने सुझाव, समर्थन और आशीर्वाद प्रदान कर इस स्वतंत्र लेखन को और अधिक सार्थक एवं प्रभावशाली बनाने में सहभागी बनें। आज दिनांक ०४ सितम्बर को फिर से ब्लॉग के माध्यम से आपके अंतर्मन की गुदगुदी को शब्दों में पिरोने की कोशिश करूँगा ।                                           -सत्येन्द्र (गुड्डा भईया बिरकोना वाले)

EMRS PGT Mathematics Syllabus Exam Date 14th December 2025

  EMRS PGT Mathematics Syllabus 2025  S.No Topic Subtopics / Details 1 Sets Sets and their representations, Empty set, Finite and Infinite sets, Equal sets, Subsets, Subsets of real numbers, Universal set, Venn diagrams, Union, Intersection, Difference, Complement, Properties of Complement 2 Relations & Functions Ordered pairs, Cartesian product, Number of elements in Cartesian product, Definition of relation, domain, co-domain, range, Function as a special relation, pictorial representation, Real valued functions: constant, identity, polynomial, rational, modulus, signum, exponential, logarithmic, greatest integer; Sum, difference, product, quotient of functions 3 Trigonometric Functions Positive and negative angles, radians and degrees conversion, Definition using unit circle, sin²x + cos²x = 1, signs of trigonometric functions, Domain, range, graphs, sum and difference formulas, multiple angle identities 4 Complex Numbers & Quadratic Equations Need for complex numbe...